इस विषय में पुष्कर के सेंड आर्टिस्ट अजय रावत ने बताया कि लंबे समय से पुष्कर में सैंड आर्ट पार्क बनाए जाने की कल्पना हो रही थी और अब यह साक्षात रूप ले चुका है. कुछ ही समय में इसका उद्घाटन भी हो रहा है. अजय रावत ने यह भी कहा कि पुष्कर के रेतीले धोरों के बीच में विकसित इस बार में बालू रेत की कलाकृतियां और प्रतिमाएं विकसित की गई है जो पर्यटकों और दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रहेंगी.

अजय रावत ने कहा कि बारिश के मौसम को देखते हुए 2 कलाकृतियों को स्थाई रूप से विकसित किया गया है ताकि यह बरसात से खराब नहीं हो सके. शेष 5 कलाकृतियां बालू मिट्टी से निर्मित की गई है जिन्हें समय-समय पर बदला जा सकेगा. और उनके स्थान पर नई कलाकृतियां विकसित की जा सकेंगी.

अजय रावत ने कहा कि यहां हर सप्ताह बालू कलाकृतियों को बदला जाएगा और पार्क में रावत और उनकी टीम इन्हीं तैयारियों में जुटी हुई है. जिसमें कई कलाकारों को अपनी विभिन्न कलाओं को उकेरने का मौका भी मिल सकेगा और दर्शकों को भी यहां अलग-अलग प्रकार की झलकियां देखने को मिलेगी जो पर्यटन को ज्यादा बढ़ावा देगी.

यह पुष्कर शहर के लिए एक बेहतरीन पर्यटन स्थल बन सकता है जो लोगों को अब पुष्कर की तरफ आने के लिए अधिक आकर्षित कर सकता है. सरकार की अपेक्षाएं हैं यदि पुष्कर की तर्ज पर बनाया गया सेंड पार्क दर्शकों का मन मोहने में कामयाब होता है तो इसे राज्य के अन्य जिलों में भी बनाया जाएगा जो पर्यटन को अधिक बढ़ावा दे सकता है.
