इस बात में कोई दो राय नहीं है कि प्रत्येक खाद्य वस्तुओं पर लगने वाली जीएसटी समेत तेल जैसी मामूली खाद्यान्न चीजों में हुई बेहताशा वृद्धि के बाद कई लोग दो जून की रोटी जुटा पाने में भी असक्षम महसूस करते हैं. ऐसे में राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की यह योजना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
जिसका मुख्य उद्देश्य यही है कि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति भूखा ना सोए. इस योजना के तहत प्रत्येक व्यक्ति को राजस्थान राज्य में ₹8 में भरपेट भोजन दिया जाएगा. जिसकी शुरुआत माननीय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर दौरे के दौरान की थी.

इस दरमियान उन्होंने प्रदेश में 512 इंदिरा रसोई का शुभारंभ किया है और राजस्थान सरकार द्वारा 1000 रसोई का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है. बता दें कि इस योजना के जरिए यहां 14 करोड़ थाली देने का लक्ष्य किया गया है और इस कार्य हेतु सरकार ने अलग से बजट में विशेष घोषणा की थी.
₹8 में किस तरह से मैनेजमेंट करती है सरकार ?
साफ जाहिर है कि वर्तमान समय की महंगाई को देखते हुए ₹8 में एक वक्त की थाली जुटा पाना काफी मुश्किल काम है. इस विषय में सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस थाली की लागत तकरीबन ₹25 आती है इनमें राजस्थान राज्य 17 रुपए वहन करती है और यहां आमजन से ₹8 लिए जाते हैं. जिससे कुछ हद तक रिकवरी हो जाती है और अन्य पैसे सरकार स्वयं वहन करती है.
प्यार और सम्मान के साथ परोसा जाए भोजन
योजना के विषय में कुछ विशेष संचालकों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रसोई में जो भी खाना है उसकी गुणवत्ता को बरकरार रखा जाए और प्यार और सम्मान से इसे लोगों को परोसा जाए. योजना का संचालन कुछ इस प्रकार से ही होना चाहिए कि लोग आत्म सम्मान के साथ इस का आनंद उठा सके.
