जयपुर :– राजस्थान विधानसभा में नया डिजिटल संग्रहालय तैयार किया गया है जिसका लोकार्पण 16 जुलाई को शाम 4:00 बजे किया गया. आपको बता दें कि प्रदेश के पहले डिजिटल संग्रहालय का लोकार्पण चीफ जस्टिस एनबी रमणा द्वारा किया गया.
चीफ जस्टिस के अलावा लोकार्पण कार्यक्रम में विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी, माननीय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रतिपक्ष नेता गुलाब चंद कटारिया, राजस्थान के चीफ जस्टिस संभाजी शिवाजी शिंदे, संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल और राष्ट्रमंडल संसदीय संघ की राजस्थान शाखा के सचिव संयम लोढ़ा भी शामिल हुए. इसके साथ ही इस खास मौके पर संसदीय लोकतंत्र के 75 साल पूरे होने पर सेमिनार का आयोजन भी हुआ जिसे कई वक्ताओं ने संबोधित किया.
संग्रहालय में राजस्थान का गौरवशाली राजनीतिक इतिहास :– इस नवनिर्मित डिजिटल संग्रहालय में राजस्थान प्रदेश के गौरवमई राजनीतिक इतिहास को बेहद शानदार तरीके से दिखाया गया है. जिसमें राजस्थान के 70 साल की राजनीति की उपलब्धियों का लेखा जोखा और विशेष सफलताएं दिखाई गई है.
इस संग्रहालय में लोग हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. इसके अलावा इसमें तमाम जानकारियां ऑडियो और वीडियो दोनों ही माध्यम से उपलब्ध करवाई जाएगी.इस विषय में विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी ने बताया है कि संग्रहालय का निर्माण उद्देश्य राजस्थान के गौरवशाली राजनीतिक इतिहास को दिखाने के साथ ही साथ आम नागरिकों को प्रदेश की राजनीतिक जानकारी देने और नियम कानूनों की व्याख्या और व्यवस्थाओं से अवगत कराना है.
इसका उद्देश्य यह भी है कि विधानसभा में विधेयक कैसे पारित होते हैं और किस प्रकार यह कानून बनते हैं ! इनके साथ ही विधानसभा अध्यक्ष, संसद के नेताओं और विपक्ष के नेताओं की भूमिका और उनके अधिकारों के बारे में भी विस्तृत वर्णन इस संग्रहालय में देखा जा सकेगा.इसके अलावा सीपी जोशी ने यह भी कहा कि विधानसभा के दो मंजिलों में विस्तृत यह डिजिटल संग्रहालय विधानसभा अध्यक्षों और मुख्यमंत्रियों समेत अन्य कई राजनीतिक महत्वपूर्ण लोगों के जीवन परिचय से भी अवगत कराएगा. इसीलिए यह डिजिटल संग्रहालय राज्य के नवीन अमूल्य विरासतों में से एक है.
