सभी नव युवकों को प्रेरणा से ओतप्रोत करने के लिए इस आर्टिकल के माध्यम से हम आज आपको बताने जा रहे हैं सौरव कुमार की कहानी. सौरव कुमार आज एक सफल उद्यमी है और करोड़ों के मालिक हैं. लेकिन सौरव कि यह राह इतनी आसान नहीं थी.
अगर क्वालीफिकेशन की बात करें तो सौरव ने दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से अपनी इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की और इसके बाद वह फ्रांस चले गए. फ्रांस में उन्हें याहू और ओरेकल जैसी कंपनियों में काम करने का मौका मिला. लेकिन अपने ही देश में कुछ अच्छा कर जाने की तमन्ना लेकर सौरव वापस भारत लौट आए.
भारत लौटकर बनाया अपना क्यूब 26
फ्रांस से भारत लौटने के बाद सौरव ने साल 2012 में अपनी खुद की एक कंपनी स्थापित की जिसका नाम उन्होंने रखा क्यूब26. आपको बता दें कि उस वक्त इस कंपनी में टाइगर ग्लोबल और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों ने भी अपना निवेश किया था. यह कंपनी कई तकनीकों की सहायता से आवश्यक एप्लिकेशन बनाया करती थी. आपको बता दें कि साल 2017 में इस कंपनी को पेटीएम ने खरीद लिया था.
फिर शुरुआत की ऑयलर मोटर की

अपनी पहली कंपनी से बाहर निकलने के बाद सौरव ने साल 2018 में ई वाहन की बढ़ती तेजी को देखा. उन्होंने पाया कि सरकार भी ई वाहन की पैरवी कर रही है और उसके उत्पादन को समर्थन दे रही है.
जिसके बाद सौरव ने इस मार्केट को टारगेट किया और उन्होंने कई छोटे-छोटे वाणिज्य इलेक्ट्रॉनिक वाहन बनाने का फैसला किया. इस काम में भी सौरव को सफलता प्राप्त हुई और उन्होंने अब तक 300 से अधिक ऐसे वाहन बनाकर कई वाणिज्य क्षेत्रों में दिए हैं. उन्होंने ऐसे वाहन बिग बास्केट, फ्लिपकार्ट, उड़ान, ईकॉम एक्सप्रेस जैसी कंपनियों को दिए हैं. केवल इतना ही नहीं वर्तमान में सौरव के पास ऐसे वाहनों के 2500 से ज्यादा आर्डर है.
हालांकि है अब तक औपचारिक रूप से बाजार में लांच नहीं हुआ है लेकिन यह कार्य भी जल्द हो जाएगा. आपको बता दें कि सौरव की इस कंपनी का मूल्यांकन भी अब तेजी से बढ़ चुका है और वर्तमान में इसकी कीमत तकरीबन 30 मिलियन डॉलर यानी लगभग 2.21 अरब हो चुकी है. इसके अलावा कंपनी को अब तक 11.6 मिलियन डॉलर से भी ज्यादा फंडिंग प्राप्त हो चुकी है.
